कॉंग्रेस का घोषणापत्र है भाजपा की योजनाएँ का कापी पेस्ट ?

0
5

विधानसभा चुनावों से महज एक हफ्ते पहले,कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणापत्र जारी किया है। वैसे यह अपने आप एक बड़ी नकारात्मक सी बात है कि कांग्रेस ने पहले आरोप पत्र जारी किया और उसके बाद उन्होंने घोषणापत्र जारी किया। किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र में पार्टियों का चुनावी मुद्दा, एक दुसरे की गलतियां नहीं हो सकती। होना तो यह भी चाहिए कि पार्टीया, मतदाताओं को पर्याप्त समय दे, अपने अपने घोषणा पत्र को पड़ने का।

बहरहाल, कांग्रेस का घोषणा पत्र भी अपने आप में बड़ा विस्मयकारी है, क्योंकि इस मे किए गए ज्यादातर वादे वैसे है जिन्हे वसुंधरा राजे सरकार या तो पुरा कर चुकी है या जिनपर अभी काम चल रहा है। ऎसे में राजनैतिक विशेषज्ञों कि माने तो कांग्रेस ने यंहा सियासी चालाकी दिखाई है। जिन प्रोजेक्ट्स पर अभी काम चल रहा है, उन्हें अपने घोषणापत्र में शामिल कर कांग्रेस, सरकार में आने पर उन सभी कार्यो का श्रेय चुराना चाहती है, ऐसा कई लोगों का मानना है।

कांग्रेस के घोषणापत्र में किया गया पहला वादा है किसानो के कर्ज माफी का। मजे की बात है कि इसी साल बजट में राज्य सरकार ने ८००० करोड़ निर्यात किया कर्ज माफी के लिए। जून के महीने में राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी कर्ज माफी अभियान के तहत ३३ जिलों के सैकड़ों किसानो के कर्ज माफ हूए। इसके ऊपर, इस साल के अगस्त मे, वसुंधरा राजे ने १२,००० किसानों का पूर्ण कर्ज माफ करवाया।

इसी तर्ज पर कांग्रेस ने किसानों को गुणवत्ता युक्त बिजली मुहैया कराने का वादा किया है। परंतु मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने तो पहले से ही १२ लाख से अधिक किसानों को निशुल्क बिजली मुहैया कराने का वादा किया हुआ है। ऐसे ही पुरे घोषणापत्र में किए गए ज्यादातर वादे इस पर तरह के है जिन्हें या तो पहले से ही पूरा कर दिया गया है, या जिनपर काम चल रहा है या जिनका वादा भाजपा ने कर रखा है।

एक बड़ा सवाल कांग्रेस के वैचारिक नेतृत्व पर भी उठता है। क्या इतने दीन सोच विचार कर भी वह कुछ नया नहीं सोच पाई? लोग तो इस घोषणापत्र को कॉपी पेस्ट तक कह रहे हैं। क्या वसुंधरा के काम और वादों के सहारे कांग्रेस की नाव पार लगेगी? उत्तर सिर्फ समय दे सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here