आखिर कैसे करेगी राजस्थान की जनता दागियों से भरी कांग्रेस पार्टी पर भरोसा ?

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राजनीति में अक्सर नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहते हैं, कई बार यह आरोप प्रत्यारोप भ्रष्टाचार के मामलों से आगे बढ़कर बलात्कार ,रेप, से हत्या तक के जघन्य अपराध होते हैं, ऐसे मामले जो महिलाओं की अस्मिता लूटने तक से जुड़े होते हैं। चुनाव आने पर पार्टियां एक-दूसरे पर इन आरोपों के जरिए बयान बाजी का खेल खेलती है। राजस्थान कांग्रेस पर इस तरीके के कई मामले पिछले कई सालों में लगे है, जो कांग्रेस पार्टी के इतिहास को कलंकित करते है।

गहलोत सरकार में मंत्री रहे महिपाल मदेरणा और मलखान सिंह विश्नोई का भंवरी देवी हत्या कांड, ने पूरे देश की सियासत को हिला दिया था और समूचे देश में राजस्थान के नेताओं की खिल्ली उड़ाई गई। और सिर्फ भंवरी देवी के साथ दुष्कर्म ही नहीं अपितु उसकी हत्या तक कर दी गई थी, फिर उसकी सीडी मीडिया में आने के बाद गहलोत सरकार बैंकफुट पर आ गई।

इस मामले के दोषियों को सजा तो मिली पर गहलोत सरकार का यह कोई इकलौता मामला नहीं था बल्कि गहलोत के खासमखास मंत्री बाबूलाल नागर पर भी उनके सरकारी आवास काम करने वाली एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था और 3 साल से ज्यादा जेल में रहे। अब मामले की फिर से सुनवाई हुई है, और बाबूलाल नागर फिर से जेल जा सकते है।

राजस्थान ही नहीं अपितु कांग्रेस पार्टी के कई सीनियर नेताओं पर भी इस तरीके का आरोप लगे हैं कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे अभिषेक मनु सिंघवी जो राज्य सभा से कांग्रेस के सांसद रहे हैं, उन पर भी ऐसा आरोप लगा था उसके बाद उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा था। दिग्विजय सिंह पर तो आए दिन इस तरीके के आरोप लगते रहे हैं, और एनडी तिवारी की तो बात ही मत करे। वही सियासी जानकारों का कहना की कांग्रेस पार्टी के यह पुराने काले दाग और इन दागियों के बेटे बेटियों को टिकट देना कांग्रेस के लिए खतरे से खाली नहीं है

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